Tuesday, November 11, 2008

एक बार तुमसे प्रेम कहूंगा



एक बार खिलता फूल कहूंगा
एक बार जिगर में अंगारा
एक बार गहराती रात कहूंगा
एक बार झिलमिल तारा


एक बार जागा सपना कहूंगा
एक बार हाथ में लकीर
एक बार धूनी रमाता कहूंगा
एक बार गाता फकीर


एक बार दर दर भटका कहूंगा
एक बार मिला कमंडल
एक बार ये है चिमटा कहूंगा
एक बार अलख निरंजन


एक बार तुमसे प्रेम कहूंगा
एक बार टपका आंसू
एक बार पहाड़ काटूंगा कहूंगा
एक बार नदी में झांकूं


पेंटिंग ः मार्क शागाल

17 comments:

एस. बी. सिंह said...

बस बार बार बहुत सुंदर कहूंगा

Ek ziddi dhun said...

एक बार कहूँगा अद्भुत-अद्भुत

संजय पटेल said...

एक बार आदाब कहूँगा
एक बार तस्लीम कहूँगा
एक बार वाह वाह कहूँगा
एक बार कहूँगा...
ऐसी कविता मत लिख यार.....
पढ़ लेने के बाद किसी काम में मन नहीं लगता...

मीत said...

क्या बात है !! बार बार पढने जैसा... बार बार पढ़ा ....

रंजना [रंजू भाटिया] said...

एक बार तुमसे प्रेम कहूंगा
एक बार टपका आंसू

अदभुत .बहुत सुंदर ..एक बार नहीं बार -बार कहूँगी कि आप यूँ ही लिखते रहे

महेन said...

कविता और पेंटिंग में तारतम्य कमाल का बैठा लेते हैं आप। खूब!!!

sidheshwer said...

छाया मत छूना मन...
दुख होगा दूना मन ..
फिर भी..
बहुत सुंदर अभियक्ति..

Parul said...

एक बार तुमसे प्रेम कहूंगा
एक बार टपका आंसू

ye bhi achchhii baat..

mehek said...

bahut sundar rachana badhai

Udan Tashtari said...

बहुत सही!! बार बार सुन्दर!!

रंजना said...

बहुत बहुत सुंदर ..
यूँ ही लिखते रहे

bahadur patel said...

yar ravindra bhai bar-bar kahoge to bhi kam pad jayega.bahut lambi feharist ho jayegi aur ho sakata hai sunane vala bhi bhag jayega. phir prem koun karega? bina kahe kaho prem. douda chala ayega.
chumkar apake hathon ko vah bhi kuchh kah nahi payega.dono ke bich ki hava me prem hi prem rah jayega.
chalne do.

sandhyagupta said...

Achchi rachna. Kone ki hariyali barkarar rakhen.

guptasandhya.blogspot.com

makrand said...

bahut sunder rachana
regards

मोहन वशिष्‍ठ said...

रविन्‍द्र जी बहुत ही सुंदर रचना बहुत बहुत बधाई

neera said...

बहूत ब्लॉग पर बहूत अच्छी कवितायें पढने को मिली और पेंटिंग्स भी जबरदस्त हैं

ravindra vyas said...

मैं आप सभी के प्रति गहरा आभार प्रकट करता हूं।