Friday, October 10, 2008

यह जो हरा है


भोपाल की सरल आर्ट गैलरी (न्यू मार्केट, मालवीय नगर) में मेरे चित्रों की पहली एकल नुमाइश ११ अक्टूबर से १७ अक्टूबर तक होगी। यह जो हरा है शीर्षक वाली इस प्रदर्शनी का उद्घाटन ख्यात चित्रकार श्री अखिलेश ११ अक्टूबर को शाम साढ़े छह बजे करेंगे। इसमें मेरी चालीस पेंटिंग्स होंगी। इसमें आइल और एक्रिलिक में बने चित्र शामिल हैं। मैं आप सभी को आमंत्रित करता हूं। इसके पहले मैं तीन समूह प्रदर्शनियों में अपने चित्र प्रदर्शित कर चुका हूं और दो नेशनल आर्ट कैम्प में भागीदारी। इस प्रदर्शनी के बाद १ से छह दिसंबर को मेरे चित्रों की एकल नुमाइश जयपुर के जवाहर कला केंद्र सुदर्शन में होगी।

11 comments:

neeshoo said...

बहुत बहुत बधाई आपको ।

Parul said...

badhaayi v .shubhkaamnayen

रंजना [रंजू भाटिया] said...

बधाई है जी आपको

ashish mishra said...

aap din duni, raat chauguni tarakki karo!

सचिन .......... said...

काश मैं इस समय भोपाल में होता... फिर भी यहीं से बधाई स्वीकारें..

डॉ .अनुराग said...

ढेरो बधाईया आपको......

Ashok Pande said...

एक करोड़ शुभकामनाएं रवीन्द्र भाई!

शिरीष कुमार मौर्य said...

aashutosh dube ji ka nirdesh hai ki aapko apna e-mail preshit karoon !

shirish.mourya@gmail.com

ravindra vyas said...

शिरीषभाई, आपने ईमेल दिया, इसके लिए आभार।

एस. बी. सिंह said...

नुमाइश की सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।

Ek ziddi dhun said...

vahan jaa nahi sakte sab, ab aap par jimmedaari kucch blog par dikha dena